


सीकर. वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा की अध्यक्षता में मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जल संरक्षण एवं जल संचय के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न विभागों ने अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की। कार्यक्रम में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान में आमजन की सहभागिता एवं जुड़ाव बढाने पर मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ ही सभी वक्ताओं ने बल दिया।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि सीकर जिला वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, भामाशाहों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से जल संरक्षण और जल संचय के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल संरचनाओं की साफ-सफाई, मरम्मत और नवीन निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जन भागीदारी की आवश्यकता के मद्देनजर राज्य सरकार ने वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान संचालित किया है। इस अभियान के तहत केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित अभियान में परम्परागत जल संरक्षण में संरचनाओं जैसे टांके, बावड़ी , जोहड़, कुएं व तालाब के जीर्णोद्धार एवं साफ—सफाई कार्य जिले के ग्रामीण क्षेत्र एवं नगर परिषद, नगर पालिका क्षेत्रों में किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जल एवं पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को आमजन तक पहुंचाने एवं उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए मीडिया कर्मियों के सहयोग की महत्ती आवश्यकता है।
विभागीय योगदान और प्रगति
वाटरशेड विभाग
अधीक्षण अभियन्ता वाटरशेड रमेश कुमार मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी गई, जिसमें जल उपयोगिता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयास शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग द्वारा 10 जून 2025 को जिले के सभी ब्लॉक में एक-एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विभाग द्वारा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना 2.0 प्रथम चरण अंतर्गत पूर्ण हुए 2267 कार्यों की राशि 49.14 करोड़ का अवलोकन कराया गया जिसमें सभी सभी ब्लॉक में कृषकों के खेतों में वर्षा जल छत, टांका का निर्माण में फार्म पॉन्ड निर्माण कार्य सम्मिलित है। जिले के मीडिया कर्मियों को खंडेला के जयरामपुरा व अन्य ग्रामों में विभाग द्वारा बनाए गए फार्म पॉन्ड कार्यों का भ्रमण कराया जिसमें मीडिया के कार्मिकों ने कार्यों की उपयोगिता के बारे में ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने बताया क मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान अंतर्गत चयनित सभी 118 ग्राम पंचायत में जल संरक्षण के प्रति जन जागृति उत्पन्न करने के लिए 51 रात्रि चौपाल का आयोजन करने के साथ ही विभाग द्वारा एमजेएसए 2.2 अंतर्गत 36 जल संरक्षण कार्यो की राशि 1.65 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति तथा हरियालों राजस्थान कार्यक्रम के तहत पौधारोपण के निर्मित विभाग एडवांस कार्य संपादन अंतर्गत गड्ढे खुदाई का कार्य किया गया। जिले में एमजेएसए अंतर्गत लगभग 600 फार्म पोंड का निर्माण कराया गया है। एक फॉर्म पॉइंट में लगभग 15 लाख लीटर वर्षा जल संग्रहित होता है जिससे कृषक अपनी 15 बीघा भूमि में सिंचाई करके अपने उत्पादन में वृद्धि करता है साथ ही सब्जियों की फसल करता है।
भूजल विभाग
अटल भूजल योजना के तहत वाटर रिचार्जिंग स्ट्रक्चर्स के निर्माण और “कर्मभूमि से मातृभूमि” अभियान के अंतर्गत भामाशाहों एवं सीएसआर फंड के सहयोग से बड़े पैमाने पर रिचार्जिंग स्ट्रक्चर्स के निर्माण की जानकारी दी गई।
रूपा फाउंडेशन
प्रतिनिधि सुनील मोर ने बताया कि फाउंडेशन जिले में 100 से अधिक वाटर रिचार्जिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण कर रहा है, जिनमें से 45 पूर्ण हो चुके हैं और शेष कार्य मानसून से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
यमुना जल समझौता और कुंभाराम लिफ्ट परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
वन विभाग
जल संरक्षण के साथ-साथ पौधारोपण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया गया।
दीर्घकालिक योजनाएं और नवाचार
जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि सीकर में जलभराव और जल की कमी की समस्या को दूर करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया गया है। एमएनआईटी जयपुर के सहयोग से 354 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है, जिसमें जल संरक्षण, शुद्धिकरण, और रिचार्जिंग से संबंधित कई योजनाएं शामिल हैं। यह परियोजना आगामी वर्षों में सीकर को जल संकट से मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि रूपा फाउंडेशन सहित अन्य कंपनियों के सीएसआर फंड के माध्यम से जल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद द्वारा एक सोलर प्लांट स्थापित करने की योजना है, जिससे सीकर शहर की स्ट्रीट लाइट्स को बिजली आपूर्ति की जाएगी। साथ ही रिंग रोड और नई पुलिया के निर्माण से शहर को जाम और अन्य समस्याओं से निजात मिलेगी।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार, जिला परिषद सीईओ राजपाल यादव, सहायक निदेशक जनसंपर्क पूरणमल, नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा, एपीआरओ राकेश कुमार ढाका, भूजल वैज्ञानिक दिनेश कुमार, वाटरशेड अधीक्षण अभियन्ता रमेश मीणा, नरेगा अधीशाषी अभियन्ता रमजान अली, रूपा फाउंडेशन से सीए सुनील मोर और प्रदीप कुमार शर्मा, कृषि विभाग की संयुक्त निदेशक प्रिया झाझडिया, एसीएफ सौरभ कुमार, अधीशाषी अभियन्ता जलदाय रामकुमार चाहील, अधीशाषी अभियन्ता सिंचाई नथमल खेदड़ सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।






